Noida Techie Death : गुरुग्राम में आधी रात को तालाब पर मचा हड़कंप; Rescue Teams मौके पर: जानिए क्यों??
सूचना मिली कि एक 12 वर्षीय बच्चा तालाब में डूब गया है

Noida Techie Death की घटना के बाद एक्शन मोड में गुरुग्राम प्रशासन, Rescue Teams की मुस्तैदी जांचने के लिए आधी रात हुई मॉक ड्रिल
नोएडा में हाल ही में हुए दर्दनाक ‘इंजीनियर एक्सीडेंट’ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए गुरुग्राम प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। मंगलवार-बुधवार की आधी रात गुरुग्राम के सेक्टर-53 थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सूचना मिली कि एक 12 वर्षीय बच्चा तालाब में डूब गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF-SDRF-Civil Defence की टीमें सायरन बजाती हुई मौके पर पहुँच गईं।

आधी रात को ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गईं। सेक्टर-53 स्थित तालाब पर सिविल डिफेंस और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अंधेरी रात और पानी के बीच बचाव कार्य को अंजाम देना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमों ने आधुनिक उपकरणों के साथ स्थिति को संभाला।
मॉक ड्रिल: तैयारियों का असली इम्तिहान
जब रेस्क्यू ऑपरेशन अपने चरम पर था, तब खुलासा हुआ कि यह असल में एक मॉक ड्रिल थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, शहर में डूबने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए इसे आयोजित किया गया था।
समय: रात 10:35 बजे टीमें मौके पर पहुँचीं।
प्रक्रिया: रात करीब 1;20 बजे तक सघन तलाशी अभियान चला।
समापन: ड्रिल सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद स्थिति को ‘ऑल क्लियर’ घोषित किया गया।
चीफ वार्डन मोहित शर्मा का बयान
इस मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन मोहित शर्मा ने अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए कहा:

“इस तरह की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल (Coordination) को मजबूत करना है। जब पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF और सिविल डिफेंस एक साथ मिलकर अभ्यास करते हैं, तो उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है। सही तालमेल से हम समय रहते किसी भी बड़ी त्रासदी को रोकने और कीमती जान बचाने में सक्षम हो पाते हैं।”
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
हाल ही में नोएडा में हुई एक दुखद घटना (जहाँ ड्रेनेज/पानी से जुड़े हादसे में जान गई थी) के बाद प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। गुरुग्राम प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यदि शहर के किसी भी तालाब या जलभराव वाले क्षेत्र में कोई हादसा होता है, तो रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो।
अधिकारियों का संदेश: “इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों (पुलिस, फायर, NDRF, SDRF-Civil Defence) के बीच समन्वय और रात के समय रेस्क्यू की चुनौतियों को समझना था।”
मुख्य बिंदु:
नोएडा हादसे से सबक लेकर गुरुग्राम पुलिस हुई सतर्क।
सेक्टर-53 थाना क्षेत्र के तालाब को चुना गया ड्रिल के लिए।
NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमों ने दिखाया दम।
देर रात तक चले ऑपरेशन से आसपास के इलाकों में रही हलचल।













